VHP चलाएगी देशव्यापी अभियान, अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए जुटाएगी धन


अयोध्या (Ayodhya) में राम मंदिर की नींव के मुख्य काम की शुरुआत 17 अक्टूबर के करीब शुरू हो जाएगी. नींव के फाउंडेशन का निर्माण पूरा करने का लक्ष्य जून 2021 तय किया गया है. भव्य राम मंदिर (Ram temple) के निर्माण को लेकर धन जुटाने के लिए विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने अयोध्या में जनवरी से एक देशव्यापी अभियान (Nationwide Campaign) शुरू करने की योजना बनाई है.

VHP के उपाध्यक्ष चंपत राय (Champat Rai) ने कहा है कि योजना को जल्द ही VHP के निर्णय लेने वाले निकाय से अंतिम मंजूरी मिलने के बाद शुरू किया जाएगा. उन्होंने कहा कि इस अभियान के मुख्य केंद्र दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरु, सूरत और जयपुर होंगे और जरूरत के मुताबिक कुछ अन्य शहरों को भी केंद्र बनाया जा सकता है.

दान पूरी तरह होगा स्वैच्छिक

VHP के अधिकारी गौरव जायसवाल (Gaurav Jaiswal) ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए दिया जाने वाला यह दान पूरी तरह से स्वैच्छिक होगा, यानी कि जो व्यक्ति अपनी इच्छा से दान देना चाहे, वह दे सकता है. राम मंदिर के लिए धन जुटाने के इस अभियान का विज्ञापन सभी प्रमुख दैनिक समाचार पत्रों में दिया जाएगा. इस संबंध में सभी विचार-विमर्श के बाद जनवरी से पहले इस अभियान की कार्य योजना को अंतिम रूप दे दिया जाएगा.


लोगों को बांटे जाएंगे साहित्य

उन्होंने VHP की एक बैठक के बाद कहा कि इस अभियान के दौरान हमारे स्वयंसेवकों के विशेष रूप से तैयार किए जा रहे साहित्य (Literature) को भी सभी इलाकों और गांवों में बांटा जाएगा. इस साहित्य का सभी स्थानीय भाषाओं में अनुवाद भी किया जाएगा.


इस साहित्य को तैयार करने की जिम्मेदारी संस्कार भारती (Sanskar Bharti) को सौंपी गई है जो भारतीय कला और संस्कृति को बढ़ावा देने के क्षेत्र में काम करने वाला एक संगठन है. साहित्य के तैयार होने के बाद इसे दिल्ली से सभी राज्यों को उपलब्ध कराया जाएगा जो इस अभियान का केंद्र बन रहे हैं.


जन जागरण भी करेगी VHP

जायसवाल ने कहा है कि अभी लोकल यूनिट्स को इस अभियान से जुड़े सभी कार्य योजनाओं को पूरा करने के लिए कहा गया है, ताकि राष्ट्रीय स्तर पर अभियान को ठीक से शुरू किया जा सके. मालूम हो कि इससे पहले VHP ने बाबरी मस्जिद विध्वंस मामले (Babri demolition case) पर विशेष अदालत का फैसला आने के बाद राम मंदिर को लेकर गांव-गांव जन जागरण अभियान चलाने की भी घोषणा की है.


मालूम हो कि बीते 9 नवंबर, 2019 को सुप्रीम कोर्ट ने दशकों पुराने अयोध्या विवाद को खत्म करने के लिए राम मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाया था. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Narendra Modi) ने पिछले महीने 5 अगस्त को अयोध्या में राम मंदिर के भूमि पूजन का शिलान्यास किया था.